Malavalli (Karnataka): सीरवी समाज की आराध्य कुलदेवी श्री आईमाताजी के नवनिर्मित भव्य मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर कर्नाटक के मलवल्ली में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। इस पावन अवसर पर निकले विशाल वरघोड़े में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

किलोमीटर लंबा भव्य वरघोड़ा
मलवल्ली की सड़कों पर करीब दो किलोमीटर लंबी शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें समाज बंधु, महिलाएं, युवा और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। पूरे मार्ग में जयकारों और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
धर्मगुरु माधवसिंह जी दीवान साहब का विशेष स्वागत किया गया और उन्हें धर्म रथ में विराजमान कराया गया। जैसे ही वे शोभायात्रा में शामिल हुए, श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया।

गैर नृत्य और कलश यात्रा ने बढ़ाई भव्यता
चंग की थाप पर गैर मंडल के कलाकारों ने पारंपरिक राजस्थानी गैर नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने माहौल को उत्साह और भक्ति से भर दिया।
वहीं महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाते हुए शोभायात्रा में भाग लिया। यह दृश्य श्रद्धा और परंपरा का अनूठा संगम था।

रात्रि में भक्ति संध्या का आयोजन
रात्रि में आयोजित विशाल भक्ति संध्या में राजस्थान के सुप्रसिद्ध भजन गायक महावीर सांखला (mahavir sankhla) ने माताजी के भजनों की प्रस्तुति दी। उनके भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए।
चढ़ावों की बोलियों में भी समाज बंधुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

बड़ी संख्या में पदाधिकारी और श्रद्धालु रहे उपस्थित
इस ऐतिहासिक आयोजन में समाज (sirvi samaj) के अनेक पदाधिकारी, नवयुवक मंडल, महिला मंडल और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। कर्नाटक सहित विभिन्न राज्यों से आए समाज बंधुओं ने कार्यक्रम को सफल और यादगार बनाया।
आयोजन बना ऐतिहासिक
आईमाताजी मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव ने मलवल्ली में श्रद्धा, एकता और सांस्कृतिक परंपरा का भव्य उदाहरण प्रस्तुत किया। समाजजनों के लिए यह आयोजन लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा।
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