पाली जिले के सरथुर (Sarthur, Rajasthan) गांव में आयोजित सरथुर मेला महोत्सव 2026 में भक्ति, संस्कृति और लोक परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। भजन संध्या, भव्य शोभायात्रा, ध्वजारोहण और महाप्रसादी में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
सरथुर मेला महोत्सव में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

भजन संध्या में देर रात तक झूमे श्रद्धालु, भव्य शोभायात्रा और ध्वजारोहण के साथ मेले का शुभारंभ
सरथुर।
पाली जिले के सरथुर गांव में आयोजित सरथुर मेला महोत्सव 2026 (Sarthur Mela Mhotsav) इस वर्ष भी भक्ति, संस्कृति और लोक परंपरा का भव्य संगम बनकर सामने आया। दो दिवसीय इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आस्था का परिचय दिया। महोत्सव के दौरान पूरा गांव भक्तिमय माहौल में रंगा नजर आया तथा चारों ओर “हर-हर महादेव” और भजनों की गूंज सुनाई देती रही।
महोत्सव के प्रथम दिन “एक शाम दुदेश्वर महादेव के नाम” विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक शंकर टाँक एवं कविता पंवार ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को देर रात तक भक्ति रस में सराबोर कर दिया। जैसे-जैसे भजनों की प्रस्तुतियां आगे बढ़ती गईं, श्रद्धालुओं का उत्साह भी बढ़ता गया। भजन संध्या में उपस्थित श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते और भगवान महादेव के जयकारे लगाते नजर आए। कार्यक्रम स्थल पर देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बनी रही।


भजनों की प्रस्तुति देते गायक शंकर टाक और कविता पंवार
दूसरे दिन सुबह आयोजक नरेंद्र भाई चौधरी के निवास स्थान से गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और DJ की धुन पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं, बुजुर्ग एवं बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। श्रद्धालु भक्ति गीतों पर नृत्य करते हुए पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ शोभायात्रा में शामिल नजर आए।
इस दौरान शोभायात्रा में साधु-संतों का विशेष सानिध्य भी श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ। विश्वगुरु स्वामी महेश्वरानन्द पुरीजी महाराज के परम शिष्य स्वामी राजेंद्र पुरीजी महाराज एवं स्वामी फूलपुरीजी महाराज विशेष बगी में विराजमान होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करते नजर आए। संतों के दर्शन एवं आशीर्वाद पाने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

शोभायात्रा गांव के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए श्री दुदेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान महादेव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
इसके पश्चात मंदिर शिखर पर विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण के साथ ही विशाल मेला महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ। मेले में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों सहित दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। आयोजन स्थल पर धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया, जिसने मेले की रौनक को और बढ़ा दिया।

महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसादी की व्यवस्था भी की गई, जहां हजारों लोगों ने प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ लिया। पूरे आयोजन के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर ग्रामवासियों एवं युवाओं का विशेष सहयोग देखने को मिला।

आयोजक नरेंद्र चौधरी ने बताया कि सरथुर मेला महोत्सव वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा का प्रतीक है और हर वर्ष श्रद्धा एवं उत्साह के साथ आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस बार भी आसपास के गांवों सहित देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु महोत्सव में शामिल हुए। यह आयोजन क्षेत्र की धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और सामाजिक एकता को मजबूत करने का कार्य कर रहा है।

Question Answer Section
Q. सरथुर मेला महोत्सव 2026 कहां आयोजित हुआ?
Ans: पाली जिले के सरथुर गांव में सरथुर मेला महोत्सव 2026 का आयोजन हुआ।
Q. भजन संध्या में किन कलाकारों ने प्रस्तुति दी?
Ans: प्रसिद्ध भजन गायक शंकर टाँक एवं कविता पंवार ने शानदार भजनों की प्रस्तुति दी।
Q. शोभायात्रा कहां से निकाली गई?
Ans: शोभायात्रा आयोजक नरेंद्र भाई चौधरी के निवास स्थान से निकाली गई।
Q. मेले में कौन-कौन से कार्यक्रम आयोजित हुए?
Ans: भजन संध्या, भव्य शोभायात्रा, गैर नृत्य, ध्वजारोहण और महाप्रसादी जैसे कार्यक्रम आयोजित हुए।
Q. मेले में कितने श्रद्धालु शामिल हुए?
Ans: आसपास के गांवों सहित देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों श्रद्धालु मेले में शामिल हुए।
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