शिव जी को क्यों प्रिय है सावन का महिना

सावन का महिना (Sawan ka Mahina) आते ही शिव जी की छवि मन में उतर आती है, क्योकि भगवान भोलेनाथ और सावन का गहरा नाता है, शिव और सावन को हम अलग नहीं कर सकते क्योकि सावन में सारी धरा, गंगाधर का ही गुणगान करती है.

इसके पीछे कई पौराणिक कथाए भी है, जिन्हें हम समझने का प्रयास करेंगे, शिवजी को सावन प्रिय क्यों है, कहते है की वर्षा ऋतू के समय भगवान् विष्णु योग्निन्द्रा में चले जाते है, और सारी दुनिया का भार शिव जी को संभालना होता है, इसलिए इस महीने शिव को मनाने के लिए, मंदिरों में पूजन, भक्ति होती है, शिव का गंगाजल से अभिश्के किया जाता है.


इसके पीछे एक कथा भी है, की दक्ष पुत्री सती माता ने जब अपने जीबन को त्याग कर के, श्रापित जीवन को जिया था, और तत्पश्चात वे राजा हिमालय के यहाँ पुत्री रूप में अवतरित हुई थी, पार्वती के रूप में.

तब माता पारवती ने शिव को पति रूप में पाने के लिए घोर तपस्या की, वो महिना सावन का था, और इस तपस्या से प्रसन्न होकर फिर से शिव शक्ति का मिलन हुआ था, इसलिए भी शिव जी को सावन का महिना अधिक प्रिय है.

जिस तरह से माता पार्वती ने पति रूप में भगवान शिव को पाया था, उसी तरह मनचाहा वर पाने के लिए, कुंवारी कन्याए भी सोमवार का व्रत रखती है, ताकि उन्हें भी अच्छा मनचाहा पति मिल सके.

सावन का महत्तव बहुत है, और हर बार जहाँ भी सावन का नाम आएगा वहा शिव का नाम अवश्य आएगा, तो आपने जाना की क्यों प्रिय है शिव को सावन.

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