दीपावली 2024: लक्ष्मी पूजन तिथि, मुहूर्त एवं सम्पूर्ण पूजा विधि
दीपावली या दिवाली हिंदू धर्म का सबसे प्रमुख पर्व है, जो अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होने का प्रतीक है। 2024 में दीपावली का पर्व 1 नवंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और धन के देवता कुबेर की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त (Diwali 2024 Lakshmi Puja Muhurat)
2024 में लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त निम्न प्रकार रहेगा:
लक्ष्मी पूजन मुहूर्त: | शाम 06:01 से 08:08 तक |
प्रदोष काल: | शाम 05:34 से 08:10 तक |
वृषभ काल: | शाम 06:01 से 08:08 तक |
अमावस्या तिथि प्रारंभ: | 31 अक्टूबर को सुबह 02:13 बजे |
अमावस्या तिथि समाप्त: | 1 नवंबर को सुबह 02:44 बजे |
लक्ष्मी पूजन विधि (Lakshmi Puja Vidhi)
- सफाई और तैयारी: लक्ष्मी पूजन से पहले घर की पूरी सफाई करें। ऐसा माना जाता है कि माता लक्ष्मी स्वच्छ और पवित्र स्थानों पर ही वास करती हैं।
- मंडप और पूजा स्थल की सजावट: पूजा स्थल पर एक साफ चौकी रखें और उस पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं। इसके बाद भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और कुबेर की मूर्तियों को स्थापित करें।
- आसन एवं गणेश पूजा: सबसे पहले भगवान गणेश का ध्यान कर उनकी पूजा करें क्योंकि वे विघ्नहर्ता हैं और किसी भी शुभ कार्य से पहले उनकी पूजा आवश्यक होती है।
- लक्ष्मी पूजन: गणेश पूजा के बाद, माता लक्ष्मी का आवाहन करें। माता लक्ष्मी की मूर्ति को गंगाजल से स्नान कराएं और उन्हें रोली, चंदन, अक्षत, फूल, और धूप-दीप अर्पित करें। विशेष रूप से कमल का फूल लक्ष्मीजी को अत्यंत प्रिय है।
- कुबेर पूजन: इसके पश्चात धन के देवता कुबेर की पूजा करें और उनसे घर में स्थायी समृद्धि की प्रार्थना करें।
- धनतेरस की सामग्री: पूजा के समय नए बर्तन या धन की पूजा करें, जिसे आप धनतेरस के दिन खरीदे थे। यह माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने का प्रतीक माना जाता है।
- आरती और प्रसाद वितरण: अंत में लक्ष्मीजी और गणेशजी की आरती करें और सभी को प्रसाद वितरित करें। लक्ष्मी पूजन के बाद पूरे घर में दीप जलाएं, जिससे चारों ओर प्रकाश फैले और नकारात्मक शक्तियों का नाश हो।
समापन
लक्ष्मी पूजन के बाद घर में दीप जलाने और पूरे परिवार के साथ मिठाई बांटने की परंपरा होती है। यह पर्व जीवन में सुख, समृद्धि और आनंद का प्रतीक है। दीपावली की रात को घर के कोने-कोने में दीये जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और अंधकार का अंत होता है।
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डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी की सटीकता और विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। इस जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

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