Maheshwar Sirvi Samaj religious event featuring Rajasthani Gair Dance and Aai Mata Garbaमहेश्वर में दीवान संत हरिदासजी की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में गैर नृत्य और आईमाता के गरबे प्रस्तुत करते कलाकार।

महेश्वर में आस्था का महासंगम, गैर नृत्य और आईमाता के गरबों ने मोहा मन

महेश्वर, मध्य प्रदेश News मां नर्मदा के तट पर स्थित महेश्वर की नृसिंह टेकरी पर दीवान संत हरिदासजी ( Diwan Sant Haridasji) के पुण्य स्मरण दिवस पर सीरवी समाज (Sirvi Samaj) का धार्मिक आयोजन हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पारंपरिक राजस्थानी गणवेश में प्रस्तुत गैर नृत्य (Rajasthani Gair Dance), आईमाता के गरबे और संगीतमय कथा आयोजन के प्रमुख आकर्षण रहे।

पारंपरिक गैर नृत्य में दिखी राजस्थानी संस्कृति

आयोजन के दौरान सीरवी समाज (Sirvi Samaj) के कलाकारों ने पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में गैर नृत्य ( Gair Dance) प्रस्तुत किया। नृत्य और संगीत के माध्यम से राजस्थानी लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। छोटी खरगोन से आई बालिकाओं ने आईमाता के गरबे प्रस्तुत किए, वहीं महिलाओं ने भी संगीत की धुन पर नृत्य किया।

Maheshwar Sirvi Samaj religious event featuring Rajasthani Gair Dance and Aai Mata Garba
महेश्वर में दीवान संत हरिदासजी की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में गैर नृत्य और आईमाता के गरबे प्रस्तुत करते कलाकार।

दिवान संत हरिदासजी के जीवन और तपस्या का स्मरण

कार्यक्रम आईपंथ के दसवें दीवान संत हरिदासजी (Diwan Sant Haridasji) के पुण्य स्मरण दिवस पर आयोजित किया गया। लोकमान्यता के अनुसार, विक्रम संवत 1842 में संत हरिदासजी ने घोड़े सहित नर्मदा के जल पर चलकर अपनी आध्यात्मिक शक्ति का परिचय दिया था। मान्यता है कि उन्होंने आश्विन शुक्ल द्वितीया को इसी स्थान पर स्वैच्छिक समाधि ली थी। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर द्वारा उनकी स्मृति में स्मारक बनवाए जाने का भी उल्लेख मिलता है।

आकाशवाणी के पूर्व कलाकार बाबूलाल परिहार और उनकी मंडली ने संगीतमय कथा प्रस्तुत की। कैलाश मुकाती, भगवान लछेटा और बड़वानी जिलाध्यक्ष हीरालाल देवड़ा ने संत हरिदासजी के जीवन, तपस्या और सदाचार पर विचार रखे।

दीवान संत हरिदासजी का फोटो
Diwan Sant Haridasji Photo

राष्ट्रीय तीर्थ के रूप में विकसित करने की बात

कार्यक्रम में विधायक राजकुमार मेव, ट्रस्ट अध्यक्ष लक्ष्मण काग, पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश परिहार और प्रांतीय अध्यक्ष कांतिलाल गेहलोत सहित समाज के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

आईपंथ के उन्नीसवें दीवान माधवसिंहजी (Diwan Madhavsingji) ने ऑनलाइन संबोधन में संत हरिदासजी (Diwan Sant Haridasji) के समाधि स्थल को राष्ट्रीय तीर्थ के रूप में विकसित करने की बात कही। महिला प्रांतीय अध्यक्ष ललितादेवी पंवार ने नारी सम्मान का संकल्प दिलाया।

इस अवसर पर श्रद्धा निधि समर्पण अभियान की राशि ट्रस्ट को सौंपी गई। अशोक राठौर को राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी का दायित्व दिया गया, जबकि इंजीनियर सौरभ परिहार का सम्मान किया गया।

Sant Haridasji Smriti Diwas
संत हरिदासजी समाधि स्थल पर आयोजन को सम्बोधित करते समाज के गणमान्य लोग

कई जिलों से पहुंचे समाजजन

आयोजन में खरगोन, बड़वानी, धार और देवास सहित विभिन्न क्षेत्रों से सीरवी समाज (Sirvi Samaj) के लोग शामिल हुए। धार्मिक कार्यक्रम में संत परंपरा, आईमाता के प्रति आस्था और राजस्थानी संस्कृति की झलक एक साथ देखने को मिली।

आयोजन में कैलाश मुकाती, भगवान लछेटा व बड़वानी जिलाध्यक्ष हीरालाल देवड़ा ने संत के जीवन, तपस्या व सदाचार पर विचार रखे। महिला प्रांतीय अध्यक्ष ललितादेवी पंवार ने नारी सम्मान का संकल्प दिलाया। छोटी खरगोन की बालिकाओं ने आईमाता के गरबे प्रस्तुत किए। आईपंथ के 19वें दीवान माधवसिंहजी ने ऑनलाइन संबोधन में हरिदासजी समाधि स्थल को राष्ट्रीय तीर्थ के रूप में

विकसित करने की बात कही। श्रद्धा निधि समर्पण अभियान की राशि ट्रस्ट को सौंपी गई। अशोक राठौर को राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी का दायित्व दिया, जबकि इंजीनियर सौरभ परिहार का सम्मान हुआ। देवानंद मुलेवा, उमादेवी काग, राधेश्याम मुकाती, शेखर भायल, लक्ष्मण परिहार, हरिराम कोटवाल, जेके सेप्टा, हीरालाल पटेल, शंकरलाल बरफा सहित खरगोन, बड़वानी, धार व देवास के समाजजन उपस्थित रहे।

महेश्वर की नृसिंह टेकरी पर आयोजित यह कार्यक्रम संत हरिदासजी (Sant Haridasji) की स्मृति और सीरवी समाज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को समर्पित रहा।

Quick Facts

  • कार्यक्रम स्थल: नृसिंह टेकरी, महेश्वर, मध्य प्रदेश
  • आयोजन: दीवान संत हरिदासजी का पुण्य स्मरण दिवस
  • मुख्य आकर्षण: पारंपरिक गैर नृत्य और आईमाता के गरबे
  • सांस्कृतिक प्रस्तुति: बाबूलाल परिहार और उनकी मंडली की संगीतमय कथा
  • प्रमुख चर्चा: समाधि स्थल को राष्ट्रीय तीर्थ के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव
Women of the Sirvi community performing a Rajasthani Garba dance.
राजस्थानी गरबा डांस करती सीरवी समाज की महिलाएं

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देखिए इस भव्य आयोजन की पूरी रिपोर्ट वीडियो में Mangal Media News के साथ।

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By kailash choudhary

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