₹10 लाख लेकर निकले व्यापारी की मौत, अलवाल से मुरहारीपल्ली तक उलझी कड़ियां; 5 टीमें जांच में जुटीं
हैदराबाद में राजस्थान के मांडा गोलाई के मूल निवासी प्रवासी व्यापारी नेमाराम चौधरी की मौत का मामला अब हत्या की जांच तक पहुंच गया है। 2 अक्टूबर को घर से निकलने के बाद लापता हुए नेमाराम (Nemaram Choudhary) का शव बाद में मेडचल के मुरहारीपल्ली झील के पास मिला। पुलिस ने मामले में हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान के लिए पांच विशेष टीमें लगाई गई हैं। हालांकि, अभी तक पुलिस ने इस केस में किसी भी आरोपी की गिरप्तारी नहीं की है और जांच जारी है।
2 अक्टूबर की शाम घर से निकले थे नेमाराम
पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नेमाराम चौधरी (Nemaram Choudhary) 2 अक्टूबर की शाम करीब 5:30 बजे अपने घर से निकले थे। वे दोपहिया वाहन से पहले अपने बड़े बेटे वीरम चौधरी के बोवेनपल्ली स्थित फ्लैट पर गए और वहां करीब एक घंटे रुकने के बाद आगे निकले।
परिवार के अनुसार, उनके पास एक कार्टन था, जिसमें करीब 10 लाख रुपये नकद होने की बात सामने आई है। इसके बाद नेमाराम घर वापस नहीं लौटे और उनका मोबाइल फोन भी बंद हो गया। परिवार ने अगले दिन पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
मुरहारीपल्ली झील के पास मिला शव
नेमाराम (Nemaram Choudhary) के लापता होने के बाद पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। इसी दौरान मेडचल के मुरहारीपल्ली झील क्षेत्र में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस ने शव की तस्वीरें पेट बशीराबाद पुलिस और परिवार तक पहुंचाईं, जिसके बाद परिवार ने शव की पहचान नेमाराम चौधरी के रूप में की।
कुतुबुल्लापुर डीसीपी एन. कोटि रेड्डी के अनुसार, शव की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस को हत्या की आशंका है। इसी आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

अलवाल रेलवे ब्रिज पर मिला आखिरी CCTV सुराग
प्रारम्भिक जांच और CCTV फुटेज के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है की रात करीब 8:15 बजे नेमाराम (Nemaram Choudhary) ने अलवाल रेलवे ब्रिज के पास अपना दोपहिया वाहन खड़ा किया था । इसके बाद वे कार्टन लेकर पैदल ब्रिज की ओर जाते दिखाई दिए।
पेट बशीराबाद पुलिस के इंस्पेक्टर एन. श्रीधर रेड्डी के अनुसार, इसके बाद CCTV के जरिए उनकी आगे की गतिविधियों का पता नहीं चल पाया। यही फुटेज फिलहाल जांच में महत्वपूर्ण सुराग हो सकता है।
पुलिस अब अलवाल रेलवे ब्रिज और उससे आगे के रास्तों पर उपलब्ध CCTV फुटेज को जोड़कर नेमाराम (Nemaram Choudhary) की आखिरी गतिविधियों की कड़ी तलाश रही है।
हालांकि, मौत की पूरी परिस्थितियों और घटना में शामिल लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस जांच अभी जारी है।
शव के पास नहीं मिला कथित ₹10 लाख का कैश
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि नेमाराम (Nemaram Chowdary) के पास मौजूद रकम का क्या हुआ और क्या इसका उनकी मौत से कोई संबंध है। फिलहाल इसे जांच का एक महत्वपूर्ण कोण माना जा रहा है, लेकिन पुलिस अभी सभी एंगल से जाँच कर है की क्या हत्या केवल पैसे के लिए ही की गई थी। या कोई अन्य वजह हो सकती है

5 विशेष टीमें CCTV और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रहीं
प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए पांच विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें CCTV फुटेज, नेमाराम की आखिरी गतिविधियों और मोबाइल फोन से जुड़े कॉल रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं।
जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि 2 अक्टूबर की शाम से अलवाल रेलवे ब्रिज तक नेमाराम किन लोगों के संपर्क में थे और उनके गायब होने के बाद उनकी गतिविधियों की कोई अन्य कड़ी मिलती है या नहीं।
पुलिस अलवाल से लेकर मुरहारीपल्ली झील तक के संभावित मार्गों पर उपलब्ध CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी सुरागों को भी जोड़ रही है।
लेकिन हत्या का वास्तविक कारण, घटना में शामिल व्यक्ति और नकदी का क्या हुआ—इन सवालों का अंतिम जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

Hyderabad police investigation in Nemaram Choudhary death caseMangal Media News अपने पाठकों से अपील करता है कि पुलिस की आधिकारिक पुष्टि से पहले किसी व्यक्ति को इस मामले में आरोपी न मानें। जांच पूरी होने तक किसी भी संभावित आरोपी का नाम या अपराध से जुड़ा दावा बिना आधिकारिक पुष्टि के ना करें।
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